अरुणिमा : खुशियों की संभावनाएं (in Hindi)

By अरविन्द गुप्ता द्वारा अनुवादित (translated by Arvind Gupta)onJan. 15, 2016inSociety, Culture and Peace

Written (in English) and Translated specially for Vikalp Sangam

अपर्णा दास यह जानना चाहती थीं कि औटिस्टिक वयस्कों का क्या होता है. अपर्णा के अनुसार बहुत बच्चों को औटिस्म होता है (अमरीका में 68 में से 1 बच्चा इस विकार का शिकार होता है) और यह संख्या लगातार बढ़ रही है.

“औटिस्म के वयस्कों का क्या होता है? वो कहाँ जाते हैं?”

अपर्णा के लिए यह महज़ शोध का प्रश्न नहीं था. उसके लिए यह सवाल अति-आवश्यक और एकदम व्यक्तिगत था. कारण? उस समय अपर्णा की छोटी बहन रूनी को औटिस्म था. तब अपर्णा 40 वर्ष की, और रूनी 30 की थी. भविष्य में रूनी की देखभाल कैसे होगी? इसकी अभी कोई योजना नहीं बनी थी.

Arunima:

Khushiyon

ki

Sambhavanein

(in Hindi)


अरुणिमा – वेबसाइट 





It’s an open door at Arunima. Each person walking through the gate is accepted for who they are, as they are – and gently and lovingly supported to become the person they are meant to be. 

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‘Her role is not only to provide excellent services to young adults with autism but to educate the community about why her work is so important’


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