खेती सुधार अधिनियम २०२० (in Hindi)

By खान सर on Sept. 30, 2020 in Perspectives

Editorial Comment : विडिओ में ३८।२ मिनट पर लडकी व शादी के बारे में की गई बात की हम कडी निन्दा करते हैं.

खेती विषय में ३ विधेयक २०२० में पारित किये गए. 

उनका मतलब क्या है, और उन में क्या अच्छाइयाँ हैं, तथा क्या दिक्कतें हैं, इसकी चर्चा वीडियो में है. 

आवश्यक वस्तु (भंडारण) :  साल १९५५ से अब तक भंडारण करना जुर्म था, अब युद्ध या आपदा न होने पर, जो चाहे, भंडारण कर सकता है. इस कानून का क्या परिणाम होगा? क्या इस से व्यापारियों को कालाबाज़ारी करने की छूट मिलेगी?

मूल्य आश्वासन सुरक्षा :  विषय हैं कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, यानी समझौतेवाली खेती - कंपनी के साथ, बीज बोने से पहले किसान फसल की खरीदारी और दाम का समझौता कर सकता है. और अगर किसी पक्ष ने समझौता तोड़ा, तो?

कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य :  किसान मंडी (कृषि उत्पाद बाज़ार समिति) के अलावा किसी को भी कृषि उत्पाद, मतलब फसल बेच सकते हैं. फिर आढ़ती का क्या काम होगा? और किसानों की क्या समस्या है, वे क्यों विरोध कर रहे हैं? MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) योजना और राशन योजना अर्थव्यवस्था पर हजार करोड़ का बोझ है, इस प्रश्न को कैसे सुलझाएँ ? रिमोट सेंसिंग सॅटलाइट का किसानों के लिए कैसा उपयोग किये जा सकता है? क्या यह जानकारी मिल सकती है कि कौनसी फसल के क्या दाम हैं, कौनसे क्षेत्र में कौनसी फसल अच्छी होगी, और मौसम कैसा रहेगा - बारिश कब आएगी?

लॉकड़ौन के बीच करोड़ों लोग गाँव में आ गए हैं. क्या प्रकृति ने हमें यह मौका दिया है, क्या वे देश की अर्थव्यवस्था को बचा सकते हैं?

Published by Khan GS Research Centre



Story Tags: agribusiness, agriculture, pro-poor policy, power, poverty, politics, secure livelihoods, justice, farms, farming practices, farmers rights, farming, marketing, remote, technology, alternative designs, rural, rural economy, economy, elections, political, unemployment, resilience, labour, farmer relief, farm, farmer, water security, waste management, water

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