आदिवासी जानते हैं स्वाद और पौष्टिकता (in Hindi)

By बाबा मायाराम (Baba Mayaram)onDec. 14, 2016in Food and Water

मुनिगुडा में संपन्न हुए अन्न विषयक विकल्प संगम के बारे में लिखा गया विशेष लेख  (Specially written about the Food Vikalp Sangam at Muniguda)

(Adivasi jaante hain Svaad aur Paushtikta)

आदिवासी समाज के पास खान-पान का अपना एक तंत्र है. यह अपने आप में पूर्ण है तथा इसी के चलते आदिवासी समाज शताब्दियों से स्वयं को स्वस्थ व प्रसन्न बनाये रखे हुए है. आधुनिक औद्योगिक खेती ने मनुष्य से उसकी नैसर्गिकता ही छीन ली है. इसी बात पर विचार-विमर्श के लिए ओडिशा के छोटे से कसबे मुनिगुड़ा में हाल ही में खाद्य संगम का आयोजन किया गया. इस संगम में आठ राज्यों के करीब ७० लोग शामिल हुए. इसका आयोजन पर्यावरण पर दशकों से काम कर रही संस्था कल्पवृक्ष और रायगड़ा, ओडिशा में आदिवासियों के पोषण और खाद्य पर काम करने वाली संस्था लिविंग फार्म ने किया था. खेती में विविधता की तरह प्रतिभागियों में भी काफी विविधता थी. खाद्य से जुड़े कई अनछुए मुद्दों पर यहां चार दिनों तक गरमागरम बहस होती रही.

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