अब तालाब पेटे पर पक्षियों का हक़ (in Hindi)

By पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क on Feb. 23, 2018 in Environment and Ecology

पक्षी विहार तालाब पेटे में नहीं देंगे बुवाई  का ठेका

मेनार (राजस्थान). बर्ड विलेज मेनार के तालाब पेटे की जमीन पर अब सिर्फ परिंदों का हक़ होगा. यहां खेती के लिए ठेका नहीं दिया जाएगा. पक्षियों के हिट में ये फैसला मेनार के ग्रामीणों ने बुधवार को लिया. पक्षी संरक्षण की दिशा में ये कदम ऐतिहासिक है, जो ६० साल की परम्परा को तोड़ते हुए है.

देशी विदेशी परिंदों के आश्रयस्थल के रूप में विख्यात मेनार के दोनों जलाशयों के संरक्षण को लेकर युवाओं के साथ अब हर वर्ग आगे आया है. गाँव के ओम्कारेश्वर चबूतरे पर हुई बैठक में ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि तालाब पेटे की जमीन पर अब कृषि कार्य के लिए ठेका नहीं दिया जाएगा. बीते करीब ६० सालों से तालाब पेटे में खरबूजे की बुवाई का ठेका दिया जाता रहा है. पक्षियों की गतिविधियों में खलल नहीं आऐ, इसी सोच के साथ ये निर्णय लिया गया. तालाब पेटे की करीब ८० बीघा जमीन पर खरबूज, ककड़ी आदि की बुवाई के लिए बीते ६० साल से ठेका दिया जाता रहा है. इससे होनेवाली आय का उपयोग विकास कार्य के लिए होता रहा है. बर्ड विलेज के रूप में पहचान को लेकर ग्रामीणों ने परम्परा बदली  है. सोच है कि इससे पक्षी दर्शन के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे रोजगार की सम्भावना बढ़ेगी. 

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Story Tags: conservation of nature, ecofriendly, Economic Growth, agriculture, environment, eco-tourism, livelihoods, sanctuary, rural economy, rural

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